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ITR की नियत तिथि, विलंब शुल्क और ब्याज

वित्त वर्ष 2025-26 और कर वर्ष 2026-27 की आयकर विवरणी (रिटर्न) कब तक भरनी है, देर से भरने पर कितना लगता है, और आख़िरी तारीख़ निकल जाने के बाद भी क्या किया जा सकता है।

2025-26 और 2026-27विलंब शुल्क और 234A/B/C1961 और 2025 के अधिनियम

वित्त वर्ष 2025-26 (निर्धारण वर्ष 2026-27) के ITR की नियत तिथि: व्यापार की आय न हो तो 31 जुलाई 2026; व्यापार या पेशे की आय हो और खातों की लेखा परीक्षा (ऑडिट) ज़रूरी न हो तो 31 अगस्त 2026; लेखा परीक्षा ज़रूरी हो तो 21 नवंबर 2026 (CBDT परिपत्र 07/2026 से 31 अक्टूबर से बढ़ाई गई)। तारीख़ निकल गई? 31 दिसंबर 2026 तक विलंबित विवरणी अब भी भर सकते हैं: ₹1,000 (आय ₹5 लाख तक) या ₹5,000 का एकमुश्त विलंब शुल्क लगेगा, बचे हुए कर पर 1% महीना ब्याज लगेगा, और पुरानी कर व्यवस्था तथा ज़्यादातर घाटा आगे ले जाने की सुविधा नहीं मिलेगी। 31 दिसंबर के बाद केवल अद्यतन विवरणी (ITR-U) बचती है, 25% से 70% अतिरिक्त कर के साथ। कर वर्ष 2026-27 के लिए तिथियाँ 31 जुलाई, 31 अगस्त और 31 अक्टूबर 2027 हैं।

नियत तिथियाँ

नियत तिथि आपकी आय पर और इस पर निर्भर है कि आपके खातों की लेखा परीक्षा ज़रूरी है या नहीं — इस पर नहीं कि आप कौन-सा ITR फ़ॉर्म भरते हैं। वित्त अधिनियम, 2026 ने बिना लेखा परीक्षा वाली व्यापार और पेशे की आय के लिए 31 अगस्त की अलग तिथि जोड़ी; पहले यह 31 जुलाई थी।

वित्त वर्ष 2025-26 (निर्धारण वर्ष 2026-27), विवरणी 2026 में

आपकी आयमूल नियत तिथिबढ़ाकरस्रोत
व्यापार या पेशे की आय नहीं: वेतन, पेंशन, किराया, ब्याज, पूँजीगत लाभ (आम तौर पर ITR-1 या ITR-2)31 जुलाई 2026नहीं बढ़ीधारा 139(1), स्पष्टीकरण 2, आयकर अधिनियम, 1961
व्यापार या पेशे की आय, खातों की लेखा परीक्षा ज़रूरी नहीं, 44AD/44ADA की अनुमानित आय सहित (आम तौर पर ITR-3 या ITR-4)31 अगस्त 2026नहीं बढ़ीधारा 139(1) के स्पष्टीकरण 2 के नीचे की तालिका, वित्त अधिनियम, 2026 से (बजट ज्ञापन)
खातों की लेखा परीक्षा ज़रूरी (ऐसी फ़र्मों के साझेदार भी)31 अक्टूबर 202621 नवंबर 2026CBDT परिपत्र 07/2026, दिनांक 28 सितंबर 2026

अंतरण मूल्य (ट्रांसफ़र प्राइसिंग) वाले मामले (धारा 92E की रिपोर्ट): 30 नवंबर 2026। कर लेखा परीक्षा रिपोर्ट की तिथि 30 सितंबर से बढ़कर 21 अक्टूबर 2026 हुई। आधिकारिक कर कैलेंडर में 31 जुलाई या 31 अगस्त 2026 की तिथि नहीं बढ़ी है।

कर वर्ष 2026-27, विवरणी 2027 में

1 अप्रैल 2026 से आयकर अधिनियम, 2025 में "पिछला वर्ष" और "निर्धारण वर्ष" की जगह एक ही "कर वर्ष" है। कर वर्ष 2026-27 यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027।

आपकी आयनियत तिथिस्रोत
व्यापार या पेशे की आय नहीं31 जुलाई 2027धारा 263(1)(c), आयकर अधिनियम, 2025, वित्त अधिनियम, 2026 से बदली गई
व्यापार या पेशे की आय, लेखा परीक्षा ज़रूरी नहीं31 अगस्त 2027
खातों की लेखा परीक्षा ज़रूरी31 अक्टूबर 2027

अंतरण मूल्य वाले मामले: 30 नवंबर 2027। अभी तक कोई तिथि नहीं बढ़ी।

ब्याज के लिए कौन-सी नियत तिथि

देर से विवरणी भरने का ब्याज (234A; कर वर्ष 2026-27 से धारा 423) नियत तिथि के अगले दिन से शुरू होता है। CBDT तिथि बढ़ाए, तो आम तौर पर बढ़ी हुई तिथि ली जाती है: वित्त वर्ष 2025-26 के लेखा परीक्षा वाले मामलों में ब्याज 22 नवंबर 2026 से शुरू होगा। CBDT आगे फिर तिथि बढ़ाए, तो नई तिथि लें। आयकर कैलकुलेटर में आप चुनते हैं कि कौन-सी तिथि ली जाए: मूल तिथि, बढ़ाई गई तिथि (जहाँ हो, वहाँ पहले से चुनी हुई), या कोई और तिथि जो आप ख़ुद लिखें।

लेखा परीक्षा वाले मामले: सुरक्षित रहने के लिए 31 अक्टूबर तक कर चुका दें।परिपत्र 07/2026 यह नहीं बताता कि 234A 31 अक्टूबर के बाद से लगेगा या 21 नवंबर के बाद से। उदाहरण: ₹50,000 बकाया और विवरणी 15 दिसंबर 2026 को भरी — 22 नवंबर से गिनें तो 1 महीना, ₹500; 1 नवंबर से गिनें तो 2 महीने, ₹1,000। 31 अक्टूबर 2026 तक चुकाए गए कर पर दोनों हालत में 234A नहीं लगता।

किसे विवरणी भरना ज़रूरी है

विलंब शुल्क केवल उसी पर लगता है जिसके लिए विवरणी भरना ज़रूरी था। विवरणी भरना ज़रूरी है अगर:

  • कटौतियों से पहले आपकी आय मूल छूट सीमा से ज़्यादा है: नई व्यवस्था में ₹4 लाख (पुरानी व्यवस्था में ₹2.5 लाख; 60–79 वर्ष पर ₹3 लाख; 80+ पर ₹5 लाख)। ₹12 लाख वाली छूट (रिबेट) से यह नहीं बदलता: ₹4–12 लाख की आय पर कर शून्य हो, तब भी विवरणी भरनी है;
  • या आय कम होने पर भी: चालू खातों में ₹1 करोड़ से ज़्यादा या बचत खातों में ₹50 लाख या अधिक जमा; विदेश यात्रा पर ₹2 लाख से ज़्यादा ख़र्च; बिजली पर ₹1 लाख से ज़्यादा ख़र्च; व्यापार का कुल कारोबार ₹60 लाख से ज़्यादा या पेशे की प्राप्तियाँ ₹10 लाख से ज़्यादा; TDS और TCS मिलाकर ₹25,000 या अधिक (60+ के लिए ₹50,000); या आप निवासी हैं और भारत के बाहर आपकी संपत्ति है या किसी खाते पर हस्ताक्षर का अधिकार है। ये शर्तें वित्त वर्ष 2025-26 के लिए धारा 139(1) और नियम 12AB में हैं, और कर वर्ष 2026-27 के लिए धारा 263(1) और आयकर नियम, 2026 के नियम 163 में, जिसमें यही सूची है।

ज़रूरी नहीं: 75 वर्ष या अधिक उम्र के निवासी, जिनकी आय केवल पेंशन और उसी बैंक का ब्याज है, और जिन्होंने बैंक को घोषणा दे दी है (धारा 194P)। अगर विवरणी भरना ज़रूरी नहीं था और आप केवल TDS वापस पाने के लिए देर से विवरणी भरते हैं, तो विलंब शुल्क नहीं लगता।

देर से भरी विवरणी, 31 दिसंबर तक

नियत तिथि के बाद, पर 31 दिसंबर 2026 (वित्त वर्ष 2025-26) या 31 दिसंबर 2027 (कर वर्ष 2026-27) तक भरी गई विवरणी विलंबित विवरणी है (धारा 139(4); 263(4))। यह मान्य विवरणी है, पर महँगी पड़ती है:

  • विलंब शुल्क: ₹5,000, या कुल आय ₹5 लाख या कम हो तो ₹1,000। देरी एक दिन की हो या पाँच महीने की, शुल्क उतना ही है, और कर शून्य होने पर भी लगता है (234F; 428(a))। उदाहरण: कुल आय ₹4.6 लाख, छूट के बाद कर शून्य, विवरणी सितंबर 2026 में भरी: शुल्क ₹1,000। कुल आय ₹3.8 लाख और विवरणी भरने का कोई और कारण नहीं: कोई शुल्क नहीं।
  • ब्याज: बचे हुए कर पर 1% महीना (234A), और अग्रिम कर कम चुकाने का ब्याज (234B और 234C) अलग से। उदाहरण नीचे देखें।
  • केवल नई कर व्यवस्था: पुरानी व्यवस्था केवल नियत तिथि तक भरी गई विवरणी में चुनी जा सकती है, इसलिए 80C, 80D, HRA और गृह-ऋण ब्याज की कटौती नहीं मिलती। व्यापार की आय हो तो पुरानी व्यवस्था फ़ॉर्म 10-IEA से चुनी जाती है, जो नियत तिथि तक भरना होता है (115BAC(6); 202(4); ITR सत्यापन नियम 151)।
  • घाटा: उस वर्ष का व्यापार, सट्टे का और पूँजीगत घाटा अगले वर्षों में नहीं ले जा सकते; उसी वर्ष की दूसरी आय से समायोजन हो सकता है। मकान-संपत्ति का घाटा अब भी आगे ले जा सकते हैं (139(3) और 80; 121)।
  • कुछ कटौतियाँ: वित्त वर्ष 2025-26 में 80JJAA, 80QQB (लेखकों की रॉयल्टी) और 80RRB (पेटेंट की रॉयल्टी) जैसी कटौतियों के लिए विवरणी समय पर भरना ज़रूरी है (80AC)।
  • कर वापसी पर ब्याज: समय पर विवरणी भरें तो कर वापसी (रिफ़ंड) पर 0.5% महीना ब्याज 1 अप्रैल से मिलता है; देर से भरें तो केवल विवरणी भरने की तारीख़ से (244A; 437)।
  • मुकदमा नहीं: विलंबित विवरणी भर देने के बाद विवरणी न भरने का मुकदमा नहीं चल सकता।

234A: देर से विवरणी भरने का ब्याज (धारा 423)

नियत तिथि पर बचे हुए कर पर 1% महीना, नियत तिथि के अगले दिन से विवरणी भरने के दिन तक। महीने का कोई भी हिस्सा पूरा महीना गिना जाता है। "बचा हुआ कर" यानी TDS, TCS, अग्रिम कर और नियत तिथि तक चुकाए गए स्व-निर्धारण कर को घटाने के बाद का कर (CBDT परिपत्र 2/2015); सैकड़े से नीचे की रकम छोड़ दी जाती है, जैसे ₹13,650 को ₹13,600 माना जाता है। अगर आपने नियत तिथि तक पूरा कर चुका दिया, तो विवरणी देर से भरने पर भी 234A नहीं लगता।

उदाहरण। वित्त वर्ष 2025-26 में रवि का कर ₹93,600 है (कर योग्य आय ₹14 लाख, नई व्यवस्था, उपकर सहित)। TDS ₹80,000 कटा और उसने अग्रिम कर नहीं चुकाया, तो ₹13,600 बकाया है। उसकी नियत तिथि 31 जुलाई 2026 है और वह 15 नवंबर 2026 को विवरणी भरता है: 1 अगस्त से 15 नवंबर = 4 महीने (नवंबर पूरा गिना जाता है)। 234A = ₹13,600 × 1% × 4 = ₹544। 31 अगस्त की नियत तिथि (व्यापार, लेखा परीक्षा नहीं) पर ₹8,400 बकाया हो और विवरणी 3 दिसंबर 2026 को भरी जाए, तो 1 सितंबर से 3 दिसंबर = 4 महीने: ₹336।

234B: अग्रिम कर कम चुकाने का ब्याज (धारा 424)

TDS के बाद आपका कर ₹10,000 या अधिक हो, तो साल के दौरान अग्रिम कर चुकाना होता है। 31 मार्च तक उसका 90% से कम चुकाया हो, तो कमी पर 1% महीना ब्याज लगता है — वर्ष के बाद वाले 1 अप्रैल से (वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1 अप्रैल 2026; कर वर्ष 2026-27 के लिए 1 अप्रैल 2027) कर चुकाने तक, जो आम तौर पर विवरणी भरने का दिन होता है। विवरणी समय पर भरें तब भी यह लगता है। 60 वर्ष या अधिक उम्र के निवासी, जिनकी व्यापार या पेशे की आय नहीं है, उन्हें अग्रिम कर नहीं चुकाना होता, इसलिए उन पर 234B या 234C नहीं लगता।

उदाहरण। रवि: ₹13,600 × 1% × 8 महीने (1 अप्रैल से 15 नवंबर 2026) = ₹1,088। अगर वह 31 जुलाई को विवरणी भरकर कर चुका देता, तो 4 महीने, ₹544 होता।

234C: अग्रिम कर की किस्तें देर से चुकाने का ब्याज (धारा 425)

अग्रिम कर चार किस्तों में चुकाना होता है: 15 जून तक 15%, 15 सितंबर तक 45%, 15 दिसंबर तक 75% और 15 मार्च तक 100%। हर कमी पर पहली तीन किस्तों के लिए 3% और मार्च के लिए 1% ब्याज लगता है। जून तक कम से कम 12% चुकाया हो तो जून का ब्याज नहीं, और सितंबर तक कम से कम 36% चुकाया हो तो सितंबर का ब्याज नहीं। अनुमानित आय वाले व्यापार या पेशे (44AD/44ADA) की एक ही तिथि है: 15 मार्च तक 100%, कमी पर 1%। 234C इस पर निर्भर नहीं कि विवरणी कब भरी।

किस्त की तारीख़ रविवार या बैंक की छुट्टी पर पड़े (15 जून 2025 और 15 मार्च 2026 को रविवार था), तो अगले कार्य-दिवस पर किया गया भुगतान आम तौर पर समय पर माना जाता है, और कैलकुलेटर भी इसे ऐसे ही गिनता है। इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है: देखें जो बातें अभी तय नहीं।

उदाहरण। रवि ने अग्रिम कर नहीं चुकाया। जून: ₹13,600 का 15% = ₹2,040, जिसे ₹2,000 माना गया × 3% = ₹60। सितंबर: ₹6,120, यानी ₹6,100 × 3% = ₹183। दिसंबर: ₹10,200 × 3% = ₹306। मार्च: ₹13,600 × 1% = ₹136। 234C = ₹685।

रवि को कितना चुकाना है

बकाया कर₹13,600
234A, 4 महीने₹544
234B, 8 महीने₹1,088
234C₹685
विलंब शुल्क (234F)₹5,000
कुल देय, ₹10 तक पूर्णांकित (धारा 288B)₹20,920

अगर वह 31 जुलाई 2026 तक विवरणी भरकर कर चुका देता, तो ₹14,830 चुकाता: न 234A, न शुल्क; 4 महीने का 234B (₹544) और वही ₹685 का 234C। देरी से उसे ₹6,090 ज़्यादा देने पड़े (₹20,920 − ₹14,830)। पूर्णांकन से पहले यह अंतर ₹6,088 है: 234A के ₹544, 234B के ₹544 ज़्यादा और ₹5,000 का शुल्क। अपनी रकम मुफ़्त आयकर कैलकुलेटर में निकालें।

31 दिसंबर के बाद: अद्यतन विवरणी

31 दिसंबर 2026 के बाद वित्त वर्ष 2025-26 की विवरणी सामान्य तरीके से नहीं भरी जा सकती। तब केवल अद्यतन विवरणी (ITR-U) बचती है (धारा 139(8A); कर वर्ष 2026-27 से 263(6)), जो 4 साल के भीतर भरी जा सकती है। इससे केवल ज़्यादा कर चुकाया जा सकता है: कर, 234A/B/C ब्याज और विलंब शुल्क के साथ अतिरिक्त कर भी, जो कर और ब्याज का एक हिस्सा है:

कितने समय मेंअतिरिक्त करवित्त वर्ष 2025-26: आख़िरी तारीख़कर वर्ष 2026-27: आख़िरी तारीख़
1 साल25%31 मार्च 202831 मार्च 2029
2 साल50%31 मार्च 202931 मार्च 2030
3 साल60%31 मार्च 203031 मार्च 2031
4 साल70%31 मार्च 203131 मार्च 2032

ये साल निर्धारण वर्ष के अंत से गिने जाते हैं (वित्त वर्ष 2025-26: 31 मार्च 2027), और 2025 के अधिनियम में कर वर्ष के बाद वाले वित्त वर्ष के अंत से (कर वर्ष 2026-27: 31 मार्च 2028)। पुनर्निर्धारण के नोटिस (धारा 148; 280) के जवाब में अद्यतन विवरणी भरें, तो कर और ब्याज का 10% और जुड़ता है (वित्त अधिनियम, 2026)। विलंब शुल्क पर अतिरिक्त कर नहीं लगता (140B; 267)।

उदाहरण। वित्त वर्ष 2025-26 की विवरणी कभी नहीं भरी, ₹50,000 कर बकाया, अग्रिम कर नहीं, ITR-U 10 जून 2027 को: 234A 11 महीने ₹5,500; 234B 15 महीने ₹7,500; 234C ₹2,525; अतिरिक्त कर 25% × (₹50,000 + ₹15,525) = ₹16,381; विलंब शुल्क ₹5,000। कुल ₹86,906, पूर्णांकित ₹86,910।

अगर आपने पहले मूल, विलंबित या संशोधित विवरणी भर दी थी, तो अद्यतन विवरणी पर न 234A लगता है, न नया विलंब शुल्क: अतिरिक्त कर के अलावा केवल बढ़े हुए कर पर 234B और 234C।

अद्यतन विवरणी से यह नहीं हो सकता:

  • घाटा या ज़्यादा घाटा दिखाना (वित्त अधिनियम, 2026 से समय पर भरी गई घाटे वाली विवरणी का घाटा घटाया जा सकता है);
  • कर घटाना, या कर वापसी माँगना या बढ़ाना;
  • एक ही वर्ष के लिए दूसरी बार भरना;
  • तलाशी या सर्वे के बाद, मुकदमा शुरू होने के बाद, या उस वर्ष का निर्धारण या पुनर्निर्धारण चलते रहने या पूरा होने पर भरना — सिवाय पुनर्निर्धारण नोटिस में दिए गए समय के भीतर (अतिरिक्त 10% के साथ);
  • पुरानी व्यवस्था, घाटा आगे ले जाने की सुविधा या कर वापसी का ब्याज वापस दिलाना।

अगर आपको कर वापस मिलना है और 31 दिसंबर निकल गई, तो अद्यतन विवरणी से कर वापसी नहीं मिल सकती। अकेला रास्ता है आयकर विभाग से देरी माफ़ करने का अनुरोध (धारा 119(2)(b), CBDT परिपत्र 11/2024)।

अगर विवरणी कभी न भरें

  • नोटिस और विभाग का अपना आकलन: विभाग विवरणी भरने का नोटिस दे सकता है (धारा 142(1); 268) और फिर अपने आकलन से आपकी आय तय कर सकता है — सर्वोत्तम विवेक निर्धारण (धारा 144; 271)। उस निर्धारण तक 234A का ब्याज चलता रहता है।
  • जुर्माना (आयकर विभाग लगाता है): मूल छूट सीमा से ऊपर आँकी गई आय को कम बताई गई आय माना जाता है: उस पर कर का 50%, या आय ग़लत ढंग से दिखाई गई हो — जैसे छिपाई गई या झूठी प्रविष्टियों से — तो 200% (270A; 439)।
  • मुकदमा (अभियोजन), केवल जानबूझकर विवरणी न भरने पर (वित्त अधिनियम, 2026 से बदली गई 276CC; 479), जितने कर की चोरी होती (अपवंचित कर), उसके हिसाब से (यहाँ अर्थदंड अदालत लगाती है):
    • ₹50 लाख से ज़्यादा: 2 साल तक की साधारण क़ैद, या अर्थदंड, या दोनों;
    • ₹10 लाख से ज़्यादा और ₹50 लाख तक: 6 महीने तक की क़ैद, या अर्थदंड, या दोनों;
    • बाकी मामलों में: केवल अर्थदंड।
    विलंबित विवरणी भर दें, या समय सीमा के भीतर अद्यतन विवरणी भर दें, या TDS, अग्रिम कर और स्व-निर्धारण कर के बाद बचा कर ₹10,000 या कम हो, तो मुकदमा नहीं चलता।

संशोधित विवरणी: 31 मार्च तक

विवरणी भरने के बाद ग़लती मिली? संशोधित विवरणी भरें। वित्त अधिनियम, 2026 ने तीन महीने और दिए:

  • वित्त वर्ष 2025-26: 31 मार्च 2027 तक (पहले 31 दिसंबर 2026 थी)। 31 दिसंबर 2026 तक मुफ़्त; 1 जनवरी से 31 मार्च 2027 तक नई धारा 234-I के तहत ₹1,000 (कुल आय ₹5 लाख तक) या ₹5,000 शुल्क (धारा 139(5))।
  • कर वर्ष 2026-27: 31 मार्च 2028 तक; 31 दिसंबर 2027 तक मुफ़्त, उसके बाद वही शुल्क (263(5); 428(b))।

विलंबित विवरणी भी संशोधित की जा सकती है, पर इससे पुरानी व्यवस्था वापस नहीं मिलती। उस वर्ष का निर्धारण पूरा होने के बाद संशोधन नहीं हो सकता।

पुरानी और नई धाराएँ

वित्त वर्ष 2025-26 की विवरणियाँ, जो 2026 में भरी जाती हैं, अब भी आयकर अधिनियम, 1961 के तहत हैं (2025 के अधिनियम की धारा 536 पिछले वर्षों के लिए इसे बनाए रखती है)। कर वर्ष 2026-27 की विवरणियाँ, जो 2027 में भरी जाएँगी, आयकर अधिनियम, 2025 के तहत हैं। ब्याज की दरें और शुल्क की रकम नहीं बदली; धाराओं के क्रमांक बदले हैं।

विषय1961 का अधिनियम (वित्त वर्ष 2025-26)2025 का अधिनियम (कर वर्ष 2026-27 से)
विवरणी और नियत तिथियाँ139(1)263(1)
विलंबित विवरणी139(4)263(4)
संशोधित विवरणी139(5)263(5)
अद्यतन विवरणी (ITR-U)139(8A)263(6)
स्व-निर्धारण कर, विवरणी से पहले140A266
अद्यतन विवरणी: कर और अतिरिक्त कर140B267
देर से विवरणी भरने का ब्याज234A423
अग्रिम कर कम चुकाने का ब्याज234B424
किस्तें देर से चुकाने का ब्याज234C425
ज़्यादा मिली कर वापसी पर ब्याज234D426
विलंब शुल्क234F428(a)
देर से संशोधित विवरणी का शुल्क234-I428(b)
पुरानी व्यवस्था चुनने का विकल्प115BAC(6)202(4)
कर वापसी पर ब्याज244A437
कम बताई गई आय पर जुर्माना270A439
विवरणी न भरने पर मुकदमा276CC479
देय रकम ₹10 तक पूर्णांकित288B516
महीने का हिस्सा पूरा महीना, सैकड़े से नीचे की रकम छोड़नानियम 119Aनियम 269
छूट सीमा से कम आय पर भी विवरणी कब ज़रूरीनियम 12ABनियम 163

मुख्य तिथियाँ

वित्त वर्ष 2025-26 (निर्धारण वर्ष 2026-27)

तिथिक्या
1 अप्रैल 2026बकाया अग्रिम कर पर 234B का ब्याज शुरू
31 जुलाई 2026नियत तिथि: व्यापार की आय नहीं
31 अगस्त 2026नियत तिथि: व्यापार या पेशा, लेखा परीक्षा नहीं
21 अक्टूबर 2026कर लेखा परीक्षा रिपोर्ट (30 सितंबर से बढ़ाई गई)
21 नवंबर 2026नियत तिथि: लेखा परीक्षा वाले मामले (31 अक्टूबर से बढ़ाई गई)
30 नवंबर 2026नियत तिथि: अंतरण मूल्य वाले मामले
31 दिसंबर 2026विलंबित विवरणी की आख़िरी तारीख़; बिना शुल्क संशोधन की आख़िरी तारीख़
31 मार्च 2027संशोधित विवरणी की आख़िरी तारीख़ (1 जनवरी से शुल्क)
31 मार्च 2028, 2029, 2030, 2031अद्यतन विवरणी 25%, 50%, 60%, 70% पर; 31 मार्च 2031 आख़िरी तारीख़

कर वर्ष 2026-27

तिथिक्या
15 जून, 15 सितंबर, 15 दिसंबर 2026अग्रिम कर: 15%, 45%, 75% चुका हो
15 मार्च 2027अग्रिम कर: 100% (अनुमानित आय 44AD/44ADA: पूरी रकम)
31 मार्च 2027अग्रिम कर के रूप में गिने जाने वाले भुगतान का आख़िरी दिन
1 अप्रैल 2027अग्रिम कर कम चुकाने का ब्याज (धारा 424) शुरू
31 जुलाई 2027नियत तिथि: व्यापार की आय नहीं
31 अगस्त 2027नियत तिथि: व्यापार या पेशा, लेखा परीक्षा नहीं
31 अक्टूबर 2027नियत तिथि: लेखा परीक्षा वाले मामले
30 नवंबर 2027नियत तिथि: अंतरण मूल्य वाले मामले
31 दिसंबर 2027विलंबित विवरणी की आख़िरी तारीख़; बिना शुल्क संशोधन की आख़िरी तारीख़
31 मार्च 2028संशोधित विवरणी की आख़िरी तारीख़ (1 जनवरी से शुल्क)
31 मार्च 2029, 2030, 2031, 2032अद्यतन विवरणी 25%, 50%, 60%, 70% पर; 31 मार्च 2032 आख़िरी तारीख़

जो बातें अभी तय नहीं

इन बातों की पुष्टि अभी CBDT या आयकर ई-फ़ाइलिंग पोर्टल ने नहीं की है। इस पृष्ठ के आँकड़े यहाँ लिखी व्याख्या पर हैं; इनमें से कोई बात आप पर लागू हो, तो अपने CA से पूछ लें।

  • लेखा परीक्षा वाले मामले, वित्त वर्ष 2025-26: 234A और विलंब शुल्क 21 नवंबर के बाद से लगेंगे (सबसे संभावित) या 31 अक्टूबर 2026 के बाद से, और महीना 22 नवंबर से 21 दिसंबर तक गिना जाएगा या कैलेंडर महीने से। 31 अक्टूबर 2026 तक कर चुका देने से यह सवाल ही नहीं उठता।
  • फ़ॉर्म 10-IEA: लेखा परीक्षा वाले मामलों में इसकी तिथि भी 21 नवंबर 2026 हुई या नहीं, और फ़ॉर्म 10-IEA समय पर भरा पर विवरणी देर से, तो पुरानी व्यवस्था मिलेगी या नहीं। सुरक्षित रहने के लिए फ़ॉर्म 10-IEA 31 अक्टूबर तक भरें।
  • ₹4 लाख की सीमा: विवरणी भरने की अनिवार्यता के लिए नई व्यवस्था की ₹4 लाख की सीमा आम तौर पर मानी जाती है, पर किसी आधिकारिक प्रश्नोत्तर में यह लिखी नहीं है।
  • संशोधित विवरणी का शुल्क (234-I): धारा में "निर्धारण वर्ष के अंत से" लिखा है; ई-फ़ाइलिंग पोर्टल 31 दिसंबर 2026 के बाद भरी गई संशोधित विवरणी पर शुल्क लेता है, और यह पृष्ठ पोर्टल के अनुसार है।
  • जनवरी से मार्च 2027 में अद्यतन विवरणी: जब तक संशोधित विवरणी की अनुमति है, यानी 1 अप्रैल 2027 से पहले, वित्त वर्ष 2025-26 की अद्यतन विवरणी भरी जा सकती है या नहीं, यह साफ़ नहीं है।
  • आयकर अधिनियम, 2025: धारा 423 में ख़ुद "महीने का हिस्सा" नहीं लिखा (नियम 269 और विभाग के प्रश्नोत्तर में है); धारा 425(2) में 12% और 36% वाली छूट की भाषा; और 2027 में भरी जाने वाली विवरणियों पर पोर्टल पुरानी व्यवस्था की रोक कैसे लागू करेगा।
  • गणना की बारीकियाँ: ब्याज की रकम में 4% उपकर शामिल है, जैसा पोर्टल करता है; हर ब्याज रुपये में दिखाया गया है और केवल कुल रकम ₹10 तक पूर्णांकित है; और अग्रिम कर की किस्त की तारीख़ रविवार या बैंक की छुट्टी पर पड़े, तो अगले कार्य-दिवस पर किया गया भुगतान समय पर माना जाएगा या नहीं (यह पृष्ठ और कैलकुलेटर इसे समय पर मानते हैं)।
  • शुल्क और कर वापसी: विलंब शुल्क चालान से चुकाने के बजाय विवरणी में कर वापसी से समायोजित हो सकता है या नहीं।

अपनी रकम निकालें

मुफ़्त आयकर कैलकुलेटर दोनों व्यवस्थाओं में आपका कर निकालता है, फिर विवरणी भरने की तारीख़ के हिसाब से ब्याज और विलंब शुल्क। कौन-सी नियत तिथि ली जाए, यह आप चुनते हैं: मूल तिथि, बढ़ाई गई तिथि (जहाँ हो, वहाँ पहले से चुनी हुई), या CBDT फिर तिथि बढ़ाए तो कोई और तिथि।

आयकर और GST आपके फ़ोन पर: BooksOn HSN ऐपमुफ़्त · कोई विज्ञापन नहीं · बिना इंटरनेट के चलता है · पुरानी बनाम नई व्यवस्था, PDF रिपोर्ट के साथ · अग्रिम कर योजना · संस्करण 1.0.4 से विवरणी भरने की तारीख़ के हिसाब से ब्याज और विलंब शुल्क, आपकी चुनी नियत तिथि के साथ · अग्रिम कर और GST की नियत तिथियों से पहले याद दिलाता है · English, हिन्दी, தமிழ்।
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आधिकारिक स्रोत

ये स्रोत अंग्रेज़ी में हैं।

सवाल

निर्धारण वर्ष 2026-27 के ITR की नियत तिथि क्या है?

वित्त वर्ष 2025-26 (निर्धारण वर्ष 2026-27) के लिए: व्यापार या पेशे की आय न हो तो 31 जुलाई 2026; बिना लेखा परीक्षा वाली व्यापार या पेशे की आय (44AD और 44ADA सहित) के लिए 31 अगस्त 2026; और लेखा परीक्षा वाले मामलों के लिए 21 नवंबर 2026, जो CBDT परिपत्र 07/2026 से 31 अक्टूबर से बढ़ाई गई। विलंबित विवरणी 31 दिसंबर 2026 तक भरी जा सकती है।

क्या व्यापार की आय वालों के लिए ITR की नियत तिथि 31 अगस्त है?

हाँ, वित्त वर्ष 2025-26 से। वित्त अधिनियम, 2026 ने उन लोगों के लिए 31 अगस्त की नियत तिथि जोड़ी जिनकी व्यापार या पेशे की आय है और जिनके खातों की लेखा परीक्षा ज़रूरी नहीं, 44AD और 44ADA की अनुमानित आय सहित; पहले यह 31 जुलाई थी। कर वर्ष 2026-27 के लिए यह 31 अगस्त 2027 है। लेखा परीक्षा वाले मामलों की तिथि 31 अक्टूबर है (वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 21 नवंबर 2026)।

नियत तिथि के बाद ITR भरने पर विलंब शुल्क कितना है?

₹5,000, या कुल आय ₹5 लाख या कम हो तो ₹1,000 (धारा 234F; कर वर्ष 2026-27 से धारा 428(a))। यह एकमुश्त शुल्क है — देरी एक दिन की हो या पाँच महीने की, उतना ही — और कर शून्य होने पर भी लगता है, पर केवल तब जब विवरणी भरना ज़रूरी था। बकाया कर पर 1% महीना ब्याज अलग से लगता है।

धारा 234A का ब्याज कैसे निकाला जाता है?

नियत तिथि पर बचे हुए कर पर 1% महीना — TDS, अग्रिम कर और तब तक चुकाए गए स्व-निर्धारण कर को घटाकर, सैकड़े से नीचे की रकम छोड़कर। महीने का हिस्सा भी पूरा महीना गिना जाता है। ब्याज नियत तिथि के अगले दिन से विवरणी भरने के दिन तक चलता है। उदाहरण: ₹13,600 बकाया, नियत तिथि 31 जुलाई 2026, विवरणी 15 नवंबर 2026 को भरी: 4 महीने, ₹544।

क्या 31 दिसंबर के बाद ITR भर सकते हैं?

सामान्य (विलंबित) विवरणी नहीं। 31 दिसंबर 2026 के बाद वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केवल अद्यतन विवरणी (ITR-U) भरी जा सकती है, 31 मार्च 2031 तक। इसमें कर, ब्याज और विलंब शुल्क के साथ कर और ब्याज का 25% से 70% अतिरिक्त कर चुकाना होता है, और इसमें न घाटा दिखाया जा सकता है, न कर वापसी माँगी जा सकती है।

देर से विवरणी भरने पर क्या पुरानी कर व्यवस्था चुन सकते हैं?

आम तौर पर नहीं। पुरानी व्यवस्था केवल नियत तिथि तक भरी गई विवरणी में चुनी जा सकती है; विलंबित विवरणी पर नई व्यवस्था से कर लगता है, इसलिए 80C, 80D, HRA और गृह-ऋण ब्याज की कटौती नहीं मिलती। व्यापार की आय हो तो पुरानी व्यवस्था फ़ॉर्म 10-IEA से चुनी जाती है, जो नियत तिथि तक भरना ज़रूरी है।

निर्धारण वर्ष 2026-27 का ITR कब तक संशोधित कर सकते हैं?

31 मार्च 2027 तक — वित्त अधिनियम, 2026 ने इसे 31 दिसंबर से बढ़ाया। 31 दिसंबर 2026 तक संशोधन मुफ़्त है; 1 जनवरी से 31 मार्च 2027 तक धारा 234-I के तहत ₹1,000 (कुल आय ₹5 लाख तक) या ₹5,000 शुल्क लगता है।

विवरणी समय पर भरी पर अग्रिम कर नहीं चुकाया, तो क्या ब्याज लगेगा?

हाँ। TDS के बाद आपका कर ₹10,000 या अधिक था, तो धारा 234B के तहत बकाया कर पर 1 अप्रैल से चुकाने तक 1% महीना, और धारा 234C के तहत छूटी हुई हर किस्त पर ब्याज लगता है, विवरणी समय पर भरी हो तब भी। 60 वर्ष या अधिक उम्र के निवासी, जिनकी व्यापार की आय नहीं है, इससे मुक्त हैं।

यह भी देखें: आयकर कैलकुलेटर: पुरानी बनाम नई व्यवस्था · GST कैलकुलेटर

केवल संदर्भ के लिए, कर सलाह नहीं: विवरणी भरने से पहले आयकर अधिनियम और अपने CA से पुष्टि करें। ऊपर दिए आधिकारिक स्रोतों से अक्टूबर 2026 तक की जानकारी; देखें स्रोत और अस्वीकरण।

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