आयकर कैलकुलेटर: अपनी सालाना आय और पुरानी व्यवस्था के लिए अपनी कटौतियाँ लिखें। दोनों व्यवस्थाओं का कर छूट, अधिभार और 4% उपकर के साथ साथ-साथ निकलता है, और आय व कर कानून के अनुसार ₹10 तक पूर्णांकित होते हैं। फिर विवरणी भरने की तारीख़, TDS और अग्रिम कर लिखकर 234A, 234B और 234C का ब्याज और 234F का विलंब शुल्क देखें (कर वर्ष 2026-27 से धारा 423, 424, 425 और 428)। वित्त वर्ष 2025-26 की नियत तिथियाँ: व्यापार की आय न हो तो 31 जुलाई 2026, व्यापार की आय हो तो 31 अगस्त 2026, और लेखा परीक्षा (ऑडिट) वाले मामलों में 21 नवंबर 2026 (31 अक्टूबर से बढ़ाई गई); देर से भरी विवरणी 31 दिसंबर 2026 तक भरी जा सकती है। निवासी व्यक्तियों के लिए; पूँजीगत लाभ और विशेष दर वाली आय शामिल नहीं।
अपना कर निकालें
वीडियो: आयकर कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें (अंग्रेज़ी में)
वीडियो BooksOn HSN ऐप में दिखाया गया है; इस पेज पर भी यही कदम हैं: आय, कटौतियाँ, दोनों व्यवस्थाएँ, TDS और PDF रिपोर्ट।

विवरणी भरने की तारीख़, ब्याज और विलंब शुल्क
नियत तिथि के बाद आयकर विवरणी (रिटर्न) भरने पर विलंब शुल्क और ब्याज लगता है, और देर से भरी विवरणी में केवल नई व्यवस्था लागू होती है। अपनी विवरणी का प्रकार और भरने की तारीख़ (भरी हो या भरनी हो) चुनें; कर ऊपर के हिस्से से लिया जाता है।
नियत तिथि चूक जाएँ तो
समय पर, देर से या बहुत देर से विवरणी भरने का आप पर क्या असर होता है। धाराएँ इस क्रम में हैं: 1961 का अधिनियम · 2025 का अधिनियम; पहला वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, दूसरा कर वर्ष 2026-27 के लिए।
समय पर भरी
- न विलंब शुल्क, न देर से भरने का ब्याज (234A · 423)। अग्रिम कर कम भरा हो तो उसका ब्याज (234B, 234C · 424, 425) फिर भी लगता है।
- पुरानी व्यवस्था चुन सकते हैं — विवरणी में; व्यापार की आय हो तो नियत तिथि तक फ़ॉर्म 10-IEA भरकर (115BAC(6) · 202(4))।
- घाटा अगले वर्षों में ले जा सकते हैं (139(3), 80 · 121)।
- कर वापसी पर 1 अप्रैल से हर महीने 0.5% ब्याज मिलता है (244A · 437)।
- ग़लती सुधारने के लिए संशोधित विवरणी 31 मार्च 2027 (वित्त वर्ष 2025-26) या 31 मार्च 2028 (कर वर्ष 2026-27) तक भर सकते हैं; 31 दिसंबर के बाद संशोधन पर ₹1,000 या ₹5,000 शुल्क लगता है (234-I · 428(b))।
देर से, पर 31 दिसंबर तक
देर से भरी (विलंबित) विवरणी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 31 दिसंबर 2026 तक और कर वर्ष 2026-27 के लिए 31 दिसंबर 2027 तक भरी जा सकती है (139(4) · 263(4))।
- अगर विवरणी भरना ज़रूरी था: एकमुश्त विलंब शुल्क ₹1,000 (कुल आय ₹5 लाख तक) या ₹5,000 (234F · 428(a))।
- नियत तिथि पर बाकी कर पर हर महीने 1% ब्याज, विवरणी भरने के दिन तक। नियत तिथि तक जमा कर पर यह ब्याज नहीं लगता (234A, परिपत्र 2/2015 · 423)।
- केवल नई व्यवस्था: 80C, 80D, HRA और गृह-ऋण ब्याज की छूट नहीं मिलती (115BAC(6) · 202(4))।
- व्यापार, सट्टे और पूँजीगत घाटे अगले वर्षों में नहीं ले जा सकते; मकान-संपत्ति का घाटा अब भी ले जा सकते हैं (80 · 121)।
- वित्त वर्ष 2025-26 में 80QQB, 80RRB और 80JJAA जैसी कटौतियाँ भी नहीं मिलतीं (80AC)।
- कर वापसी पर ब्याज विवरणी भरने की तारीख़ से ही मिलता है (244A · 437)।
- विवरणी भर देने पर, न भरने का मुकदमा नहीं चलता (276CC का परंतुक · 479(2))।
31 दिसंबर के बाद: केवल अद्यतन विवरणी
- अब केवल अद्यतन विवरणी (ITR-U) भरी जा सकती है: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 31 मार्च 2031 तक और कर वर्ष 2026-27 के लिए 31 मार्च 2032 तक। कर, ब्याज और विलंब शुल्क के साथ अतिरिक्त कर देना होता है: कर और ब्याज का 25% (वित्त वर्ष 2025-26 में 31 मार्च 2028 तक; कर वर्ष 2026-27 में 31 मार्च 2029 तक), फिर अगले वर्षों में 50%, 60% और 70% (139(8A), 140B · 263(6), 267)।
- अद्यतन विवरणी में घाटा नहीं दिखा सकते, कर घटा नहीं सकते और कर वापसी नहीं माँग सकते। तलाशी या सर्वे के बाद, या निर्धारण चलते समय, यह नहीं भरी जा सकती।
- कर वापसी बनती हो तो एक ही रास्ता बचता है: देरी माफ़ करने के लिए आयकर विभाग को आवेदन (119(2)(b))।
- अगर आपने पहले विवरणी भरी थी (समय पर या देर से), तो उसे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 31 मार्च 2027 तक और कर वर्ष 2026-27 के लिए 31 मार्च 2028 तक संशोधित विवरणी से सुधारा जा सकता है: ₹1,000 (कुल आय ₹5 लाख तक) या ₹5,000 शुल्क, और कोई अतिरिक्त कर नहीं (139(5), 234-I · 263(5), 428(b))।
विवरणी कभी न भरें तो
- विभाग ख़ुद आपकी आय का निर्धारण कर सकता है (144 · 271), और तब तक देर का ब्याज चलता रहता है।
- जुर्माना: छूट सीमा से ऊपर की आय पर बनने वाले कर का 50%, और आय ग़लत बताई हो तो 200% (270A · 439)।
- मुकदमा केवल जान-बूझकर न भरने पर: जितने कर की चोरी हुई, वह ₹10 लाख तक हो तो केवल जुर्माना; ₹10 से ₹50 लाख तक हो तो 6 महीने तक की साधारण क़ैद, जुर्माना या दोनों; ₹50 लाख से ऊपर हो तो 2 साल तक। अगर शुद्ध कर ₹10,000 या कम हो, या अद्यतन विवरणी भर दी जाए, तो मुकदमा नहीं (276CC · 479)।
नियत तिथियाँ और ज़रूरी तारीख़ें
| वित्त वर्ष 2025-26 (विवरणी 2026 में) | कर वर्ष 2026-27 (विवरणी 2027 में) | |
|---|---|---|
| व्यापार की आय नहीं: वेतन, पेंशन, किराया, ब्याज | 31 जुलाई 2026 | 31 जुलाई 2027 |
| व्यापार या पेशा, लेखा परीक्षा ज़रूरी नहीं (44AD और 44ADA समेत) | 31 अगस्त 2026 | 31 अगस्त 2027 |
| खातों की लेखा परीक्षा ज़रूरी | 31 अक्टूबर 2026, बढ़कर 21 नवंबर 2026 | 31 अक्टूबर 2027 |
| देर से भरी (विलंबित) विवरणी, आख़िरी तारीख़ | 31 दिसंबर 2026 | 31 दिसंबर 2027 |
| संशोधित विवरणी, आख़िरी तारीख़ (31 दिसंबर के बाद शुल्क) | 31 मार्च 2027 | 31 मार्च 2028 |
| अद्यतन विवरणी: 25% / 50% / 60% / 70% अतिरिक्त कर, 31 मार्च तक | 2028 / 2029 / 2030 / 2031 | 2029 / 2030 / 2031 / 2032 |
| अग्रिम कर: 15%, 45%, 75%, 100% इन तारीख़ों तक | 15 जून, 15 सितंबर, 15 दिसंबर 2025, 15 मार्च 2026 | 15 जून, 15 सितंबर, 15 दिसंबर 2026, 15 मार्च 2027 |
| अग्रिम कर कम भरने का ब्याज इस तारीख़ से | 1 अप्रैल 2026 | 1 अप्रैल 2027 |
| धाराएँ | 139, 140B; 234A, 234B, 234C, 234F (आयकर अधिनियम, 1961) | 263, 267; 423, 424, 425, 428 (आयकर अधिनियम, 2025) |
नियत तिथियाँ: धारा 139(1) का स्पष्टीकरण 2, जैसा वित्त अधिनियम, 2026 ने बदला, और आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 263(1)(c)। 21 नवंबर 2026 की तारीख़ CBDT परिपत्र 07/2026 (28 सितंबर 2026) से है, केवल लेखा परीक्षा वाले मामलों के लिए। अंतरण मूल्य (ट्रांसफ़र प्राइसिंग) वाले मामले (30 नवंबर) यहाँ शामिल नहीं हैं।
ब्याज और शुल्क कैसे निकलते हैं
- महीने: महीने का कोई भी हिस्सा पूरा महीना गिना जाता है, और राशि ₹100 तक नीचे पूर्णांकित होती है (नियम 119A · नियम 269)। नियत तिथि 31 जुलाई, विवरणी 9 दिसंबर: 5 महीने।
- देर से विवरणी (234A · 423): नियत तिथि पर बाकी कर (TDS, अग्रिम कर और नियत तिथि तक जमा स्व-निर्धारण कर घटाकर) पर हर महीने 1%, नियत तिथि के अगले दिन से विवरणी भरने के दिन तक।
- अग्रिम कर कम (234B · 424): अगर 31 मार्च तक भरा अग्रिम कर, TDS के बाद के कर के 90% से कम हो, तो कमी पर 1 अप्रैल से जमा करने के दिन तक हर महीने 1%। पहले जमा किए कर के हिस्से पर ब्याज वहीं रुक जाता है।
- किस्तें देर से (234C · 425): 15 जून (15% देय; 12% भरा हो तो कुछ नहीं), 15 सितंबर (45%; 36% भरा हो तो कुछ नहीं) और 15 दिसंबर (75%) की कमी पर 3%, और 15 मार्च (100%) की कमी पर 1%। अनुमानित आय (44AD, 44ADA): केवल 15 मार्च की किस्त। 16 से 31 मार्च तक भरा कर केवल 234B के लिए गिना जाता है।
- अग्रिम कर देय नहीं, तो 234B और 234C नहीं: 60 या अधिक उम्र के निवासी जिनकी व्यापार की आय नहीं है, और वे सभी जिनका TDS के बाद कर ₹10,000 से कम है (207(2), 208 · 403(3), 404)।
- विलंब शुल्क (234F · 428(a)): कुल आय ₹5 लाख तक हो तो ₹1,000, नहीं तो ₹5,000, और केवल तब जब विवरणी भरना ज़रूरी था। यह एकमुश्त है, देरी के साथ नहीं बढ़ता।
- अद्यतन विवरणी (140B · 267): देरी के हिसाब से कर और ब्याज का 25%, 50%, 60% या 70% अतिरिक्त कर। अतिरिक्त कर पर ब्याज नहीं लगता।
- कुल राशि: निकटतम ₹10 तक पूर्णांकित (288B · 516)।
उदाहरण: वेतन ₹14,75,000, TDS ₹80,000, अग्रिम कर नहीं, नियत तिथि 31 जुलाई 2026, विवरणी 15 नवंबर 2026। नई व्यवस्था में कर ₹93,600, यानी ₹13,600 बाकी। 234A: ₹13,600 × 1% × 4 महीने = ₹544। 234B: ₹13,600 × 1% × 8 महीने = ₹1,088। 234C: ₹60 + ₹183 + ₹306 + ₹136 = ₹685। विलंब शुल्क ₹5,000। कुल ₹20,917, यानी जमा करें ₹20,920। 31 जुलाई तक भरते तो ₹14,829 लगते, पूर्णांकन के बाद ₹14,830: देरी से पूर्णांकन से पहले ₹6,088 ज़्यादा लगे (₹20,917 − ₹14,829), और पूर्णांकित राशियों में ₹6,090।
जो बातें अभी पक्की नहीं
- लेखा परीक्षा वाले मामले, वित्त वर्ष 2025-26: परिपत्र 07/2026 ने नियत तिथि 21 नवंबर 2026 कर दी, पर यह नहीं बताया कि ब्याज और शुल्क 31 अक्टूबर के बाद से लगेंगे या 21 नवंबर के बाद से। कैलकुलेटर 21 नवंबर मानता है (आप चाहें तो क़ानूनी तिथि चुन सकते हैं)। 31 अक्टूबर 2026 तक कर जमा करने से यह शंका नहीं रहती। 22 नवंबर से महीने कैसे गिने जाएँ (यहाँ की तरह 22 से 21 तारीख़, या कैलेंडर महीने से), यह भी पक्का नहीं है।
- नियत तिथि तक फ़ॉर्म 10-IEA भरा हो, तो विवरणी देर से होने पर भी पुरानी व्यवस्था रहेगी या नहीं।
- विवरणी अनिवार्य होने की ₹4 लाख की सीमा (नई व्यवस्था): आम तौर पर मानी जाती है, पर विभाग के आधिकारिक प्रश्नोत्तर में नहीं लिखी है।
- विलंब शुल्क विवरणी में ही कर वापसी से कट सकता है या नहीं।
- वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संशोधित विवरणी के शुल्क (234-I) के शब्द।
- जिसने कभी विवरणी नहीं भरी, वह 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच अद्यतन विवरणी भर सकता है या नहीं।
- कर वर्ष 2026-27: धारा 425(2) (12% और 36% की सीमा) के शब्द, धारा 423 में महीने के हिस्से का नियम, और देर से भरी विवरणी पर नई व्यवस्था का नियम (धारा 202(4))। विभाग के आधिकारिक प्रश्नोत्तर का इंतज़ार है।
- ब्याज उपकर समेत कर पर निकाला गया है, जैसा विभाग के उदाहरणों में है; हर ब्याज पूरे रुपयों में है और केवल कुल राशि ₹10 तक पूर्णांकित है।
- अग्रिम कर की तारीख़ को बैंक की छुट्टी हो, तो विभाग के प्रश्नोत्तर के अनुसार अगले कार्य-दिवस पर किया भुगतान समय पर माना जाता है, और कैलकुलेटर भी यही मानता है; पर यह पक्का नहीं है (15 जून 2025 और 15 मार्च 2026 को रविवार था)।
स्रोत (incometaxindia.gov.in): आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139, 234A, 234B, 234C, 234F, 140B, 115BAC और नियम 119A; आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 263, 423, 424, 425, 428, 267, 479 और नियम 269; CBDT परिपत्र 07/2026; धारा 423 से 426 के ब्याज पर विभाग के प्रश्नोत्तर (अंग्रेज़ी में)।
नई व्यवस्था के कर स्लैब, 2025-26 और 2026-27
डिफ़ॉल्ट व्यवस्था। सभी उम्र के लिए एक तालिका; वेतन या पेंशन पर ₹75,000 मानक कटौती; कर योग्य आय ₹12 लाख तक होने पर ₹60,000 तक की छूट, और उससे थोड़ा ऊपर मार्जिनल राहत।
| कर योग्य आय | दर |
|---|---|
| ₹4,00,000 तक | शून्य |
| ₹4,00,001 से ₹8,00,000 | 5% |
| ₹8,00,001 से ₹12,00,000 | 10% |
| ₹12,00,001 से ₹16,00,000 | 15% |
| ₹16,00,001 से ₹20,00,000 | 20% |
| ₹20,00,001 से ₹24,00,000 | 25% |
| ₹24,00,000 से ऊपर | 30% |
पुरानी व्यवस्था के कर स्लैब
मानक कटौती ₹50,000; कर योग्य आय ₹5 लाख तक होने पर ₹12,500 तक की छूट (मार्जिनल राहत नहीं)।
| कर योग्य आय | 60 से कम | 60 से 79 | 80 या अधिक |
|---|---|---|---|
| ₹2,50,000 तक | शून्य | शून्य | शून्य |
| ₹2,50,001 से ₹3,00,000 | 5% | शून्य | शून्य |
| ₹3,00,001 से ₹5,00,000 | 5% | 5% | शून्य |
| ₹5,00,001 से ₹10,00,000 | 20% | 20% | 20% |
| ₹10,00,000 से ऊपर | 30% | 30% | 30% |
दोनों व्यवस्थाओं में कर पर 4% स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर लगता है। अधिभार ₹50 लाख (10%), ₹1 करोड़ (15%) और ₹2 करोड़ (25%) से ऊपर; पुरानी व्यवस्था में ₹5 करोड़ से ऊपर 37%, जबकि नई व्यवस्था 25% पर रुकती है।
उदाहरण: ₹15 लाख का वेतन
नई व्यवस्था: ₹15,00,000 − ₹75,000 मानक कटौती = ₹14,25,000 कर योग्य। स्लैब कर ₹93,750 + 4% उपकर = ₹97,500। पुरानी व्यवस्था तभी सस्ती है जब उसकी कटौतियाँ लगभग ₹5.44 लाख से अधिक हों।
BooksOn HSN ऐप में और भी
- दोनों व्यवस्थाओं की PDF रिपोर्ट — डाउनलोड करें या नियोक्ता/CA को भेजें।
- HRA कैलकुलेटर — मूल वेतन + DA, मिला HRA और दिया किराया से छूट वाला HRA।
- अग्रिम कर योजना — TDS के बाद 15 जून, सितंबर, दिसंबर और मार्च तक कितना चुकाना है।
- व्यापार (44AD) और पेशे (44ADA) की अनुमानित आय, नियोक्ता NPS और बची कटौतियों के सुझाव।
- विवरणी भरने की तारीख़, ब्याज और विलंब शुल्क (संस्करण 1.0.4) — इस पेज जैसी ही नियत तिथियाँ, 234A, 234B और 234C का ब्याज और विलंब शुल्क; क़ानूनी, बढ़ाई गई या अपनी नियत तिथि के साथ।
मुफ़्त — Google Play और Galaxy Store पर, हिन्दी, अंग्रेज़ी और तमिल में, GST दर खोज और GST कैलकुलेटर के साथ।
सवाल
वित्त वर्ष 2025-26 की आयकर विवरणी भरने की आख़िरी तारीख़ क्या है?
व्यापार या पेशे की आय न हो तो 31 जुलाई 2026; व्यापार या पेशे की आय हो और खातों की लेखा परीक्षा (ऑडिट) ज़रूरी न हो तो 31 अगस्त 2026 (वित्त अधिनियम, 2026 से नई तारीख़); लेखा परीक्षा वाले मामलों में 31 अक्टूबर 2026, जिसे CBDT परिपत्र 07/2026 ने 21 नवंबर 2026 तक बढ़ाया। इसके बाद देर से भरी (विलंबित) विवरणी 31 दिसंबर 2026 तक भरी जा सकती है। कर वर्ष 2026-27 के लिए तारीख़ें 31 जुलाई, 31 अगस्त और 31 अक्टूबर 2027 हैं।
आयकर विवरणी देर से भरने पर विलंब शुल्क कितना है?
₹5,000, और कुल आय ₹5 लाख तक हो तो ₹1,000 (धारा 234F; कर वर्ष 2026-27 से धारा 428(a))। यह एकमुश्त शुल्क है, देरी के साथ नहीं बढ़ता; अगर विवरणी भरना ज़रूरी नहीं था तो कोई शुल्क नहीं। बाकी कर पर ब्याज इसके ऊपर लगता है।
234A, 234B और 234C का ब्याज कैसे निकलता है?
हर महीने 1%, जहाँ महीने का कोई भी हिस्सा पूरा महीना गिना जाता है और राशि ₹100 तक नीचे पूर्णांकित होती है। 234A: नियत तिथि पर बाकी कर पर, अगले दिन से विवरणी भरने तक। 234B: अगर 31 मार्च तक भरा अग्रिम कर, कर के 90% से कम हो, तो कमी पर 1 अप्रैल से जमा करने तक। 234C: 15 जून (15%), 15 सितंबर (45%) और 15 दिसंबर (75%) की हर कम किस्त पर 3%, और 15 मार्च की कमी पर 1%। उदाहरण: ₹13,600 बाकी, नियत तिथि 31 जुलाई 2026, विवरणी 15 नवंबर 2026: 234A ₹544, 234B ₹1,088, 234C ₹685, और ₹5,000 विलंब शुल्क।
क्या देर से विवरणी भरने पर पुरानी व्यवस्था चुन सकते हैं?
आम तौर पर नहीं। पुरानी व्यवस्था सिर्फ़ नियत तिथि तक भरी विवरणी में चुनी जा सकती है (व्यापार की आय हो तो नियत तिथि तक फ़ॉर्म 10-IEA भरकर)। देर से भरी विवरणी पर नई व्यवस्था से कर लगता है, इसलिए 80C, 80D, HRA और गृह-ऋण ब्याज की छूट नहीं मिलती।
31 दिसंबर भी निकल जाए तो क्या करें?
तब केवल अद्यतन विवरणी (ITR-U) भरी जा सकती है — वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 31 मार्च 2031 तक। कर, ब्याज और विलंब शुल्क के साथ अतिरिक्त कर देना होता है: कर और ब्याज का 25%, जो बाद के वर्षों में 50%, 60% और 70% हो जाता है। अद्यतन विवरणी में कर वापसी नहीं माँगी जा सकती और घाटा नहीं दिखाया जा सकता।
क्या नई व्यवस्था में ₹12 लाख तक की आय कर-मुक्त है?
हाँ। नई व्यवस्था में ₹12,00,000 तक की कर योग्य आय पर ₹60,000 तक की छूट (रिबेट) के कारण कोई कर नहीं लगता। ₹75,000 की मानक कटौती के साथ ₹12,75,000 तक के वेतन पर कर शून्य है। ₹12 लाख से थोड़ा ऊपर मार्जिनल राहत मिलती है।
वित्त वर्ष 2025-26 में नई व्यवस्था के कर स्लैब क्या हैं?
₹4 लाख तक: शून्य; ₹4–8 लाख: 5%; ₹8–12 लाख: 10%; ₹12–16 लाख: 15%; ₹16–20 लाख: 20%; ₹20–24 लाख: 25%; ₹24 लाख से ऊपर: 30%। सभी उम्र के लिए एक ही तालिका, साथ में 4% स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर। वित्त अधिनियम, 2026 ने कर वर्ष 2026-27 के लिए यही स्लैब रखे।
पुरानी या नई कर व्यवस्था, कौन बेहतर है?
यह आपकी कटौतियों पर निर्भर है। ₹15 लाख के वेतन पर नई व्यवस्था में कर ₹97,500 है; पुरानी व्यवस्था तभी सस्ती है जब उसकी कटौतियाँ (HRA, 80C, 80D, गृह-ऋण ब्याज आदि) लगभग ₹5.44 लाख से अधिक हों।
आयकर अधिनियम, 2025 से क्या बदला?
1 अप्रैल 2026 से आयकर अधिनियम, 2025 ने 1961 के अधिनियम की जगह ली और "पिछला वर्ष" व "निर्धारण वर्ष" मिलकर एक "कर वर्ष" बन गए। वित्त अधिनियम, 2026 ने 2025 के स्लैब, छूट और कटौती सीमाएँ रखीं। HRA के 50% वाले शहर चार से बढ़कर आठ हुए — बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जुड़े। देर से विवरणी और कम अग्रिम कर का ब्याज अब धारा 423, 424 और 425 में, और विलंब शुल्क धारा 428 में है, दरें वही हैं।
केवल संदर्भ के लिए, कर सलाह नहीं: विवरणी भरने से पहले आयकर अधिनियम और अपने CA से पुष्टि करें। नियत तिथियाँ, ब्याज और शुल्क ऊपर दिए स्रोतों से।

